किसानों के लिए 5000 रुपये प्रति माह पेंशन योजना लागू की जाए जिसमें कोई आयु सीमा न हो, के संबंध में कानूनी मांग
किसान देश का अन्नदाता है, लेकिन वृद्धावस्था में उसे कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती। जबकि अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों को पेंशन, PF और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। यह मांग किसानों के साथ हो रहे इस असमान व्यवहार को समाप्त करने हेतु है।
वृद्धावस्था में किसानों को आर्थिक सुरक्षा न मिलना उनके गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का उल्लंघन है।
राज्य वृद्धावस्था में नागरिकों को सार्वजनिक सहायता प्रदान करेगा। किसानों के लिए पेंशन इसी का हिस्सा है।
राज्य किसानों को उचित आजीविका और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करेगा।
किसान आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग में आते हैं, राज्य उनके हितों की रक्षा के लिए विशेष योजनाएं बनाएगा।
उपरोक्त तथ्यों एवं संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर, Kishan Majdur Ekta भारत सरकार से निम्नलिखित कानूनी मांग करती है:
किसानों को हर माह 5000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाए।
पेंशन योजना में कोई न्यूनतम या अधिकतम आयु सीमा नहीं होनी चाहिए, हर किसान इसका लाभ उठा सके।
पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल, सुलभ और पारदर्शी हो।
हर माह की 1 तारीख को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
किसानों को भी अन्य कर्मचारियों की तरह PF, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलने चाहिए।
प्रति माह पेंशन
सभी किसानों के लिए
हर माह 1 तारीख को
आसान आवेदन
| विवरण | वर्तमान स्थिति | प्रस्तावित योजना |
|---|---|---|
| मासिक आय | अनिश्चित / शून्य | ₹5000/माह सुनिश्चित |
| आयु सीमा | कोई निश्चित नहीं | कोई आयु सीमा नहीं |
| सामाजिक सुरक्षा | नहीं | हाँ (PF + ग्रेच्युटी) |
| भुगतान समय | अनियमित | हर माह 1 तारीख को |
किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी
किसानों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
किसान अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे
यदि उपरोक्त मांगों पर उचित समयावधि में ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तो Kishan Majdur Ekta संविधान के अनुच्छेद 32 एवं 226 के अंतर्गत माननीय न्यायालय की शरण लेने, एवं अन्य संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण की होगी।
किसान देश का अन्नदाता है। जिसने जीवन भर देश को अन्न दिया, उसे वृद्धावस्था में भूखा नहीं रहना चाहिए। किसान पेंशन कोई अनुदान नहीं, बल्कि उनके योगदान का सम्मान है।
किसान सुरक्षित तो देश सुरक्षित।
किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा दिलाने के लिए हमसे जुड़ें
यदि आप किसानों की मांगों को पूरा करना चाहते हैं तो फ़ॉर्म भरकर सबमिट करें।